भाजपा का जनजाति सम्मेलन आदिवासी समाज के जले पर नमक -कांग्रेस

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15 साल तक आदिवासियों का शोषण करने वाले भाजपाई कौन सी नैतिकता से जनजातीय सम्मेलन कर रहे

रायपुर/21 जनवरी 2023। भाजपा को सरगुजा में आयोजित जनजाति सम्मेलन को कांग्रेस ने आदिवासियों को ठगने का नया षड़यंत्र बताया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा को जनजाति सम्मेलन के पहले प्रदेश के आदिवासी समाज से उनके ऊपर 15 साल तक किये गये अत्याचार के लिये माफी मांगनी चाहिये। एक तरफ तो आदिवासियों के आरक्षण को षड़यंत्रपूर्वक राजभवन में रूकवा कर रखे है, दूसरी ओर जनजाति सम्मेलन कर आदिवासी समाज के जले पर नमक छिड़क रहे है। 15 साल तक भाजपा के शासनकाल में सबसे ज्यादा आदिवासी समाज के लोग प्रताड़ित थे। बस्तर में आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को बंधक बना कर रख दिया गया था। वन अधिकार पट्टों को जानबूझकर वितरित नहीं किया जाता था। छोटी-छोटी धाराओं में हजारों आदिवासियों को जेल की सलाखों के पीछे बंद कर दिया गया था। रमन राज में आदिवासियों का जीवन भी सुरक्षित नहीं था। आदिवासियों के शिक्षा, रोजगार और प्राकृतिक अधिकारों को भाजपा की राज में हनन होता था। विपक्ष में आने के बाद भाजपा को आदिवासियों की चिंता में घड़ियाली आंसू बहा रही है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने चार साल में आदिवासी वर्ग के शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य के एवं कानूनी अधिकार के लिये अनेको कार्य किया। कांग्रेस सरकार ने आदिवासियों से किए वादों को पूरा किया। चार साल में आदिवासी वर्ग के हित के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजना बनाई गई। आदिवासियों के शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, जल, जंगल, जमीन, उनके कानूनी अधिकारों के लिए काम किया गया है। विश्व आदिवासी दिवस के दिन 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश, राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन सहित अनेक जनकल्याणकारी योजना बनाकर आदिवासी वर्ग को आर्थिक रूप से मजबूत सक्षम बनाने के लिए काम किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने आदिवासी वर्ग के चहुंमुखी विकास के लिए रोजगार मूलक योजनाएं बनाई। बस्तर क्षेत्र में आदिवासी के वर्ग शिक्षा के लिए 300 से अधिक बंद स्कूलों को खोला गया। नक्सलवाद को खत्म करने के लिए विश्वास, विकास और सुरक्षा के नीतियों के तहत काम किया गया। रमन सरकार के दौरान दस गांवों के 1707 आदिवासी परिवार से छीनी गई 4200 एकड़ जमीन को लौटाई गई, जेल में बंद निर्दोष आदिवासियों को जेल से मुक्त कराया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि तेंदूपत्ता का मानक दर 2500 रु से बढ़ाकर 4000 रु प्रति बोरा किया गया, 65 वनोपज की समर्थन मूल्य में खरीदी की गई, चरणपादुका खरीदने नगद राशि दी गई, बस्तर में मक्का प्रोसेसिंग प्लांट लगाया गया। पेशा के नियम बनाये गये। 24827 व्यक्तिगत 20,000 से अधिक सामुदायिक व 2200 वन संसाधन पट्टे वितरित किए गए, 16 लाख से अधिक हेक्टर भूमि आदिवासी वर्ग को वितरित किया गया है। 4,38,000 से अधिक व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र वितरित किया गया। 44,300 से अधिक सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित किया गया। 2175 से अधिक वन संसाधन अधिकार ग्राम सभा को प्रदान की गई। मिलेट मिशन शुरू किया गया और बस्तर के वनोपज को देश-विदेश तक पहुँचाया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि भाजपा ने 15 सालो तक आदिवासी समाज के साथ इतना अन्याय किया है कोई भी प्रायश्चित भाजपा के पाप से माफी के लिये पर्याप्त नहीं है।

 

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