43 सवालों की आड़ में अपनी नाकामियां नहीं छिपा सकती कांग्रेस : अरुण साव

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कांग्रेस के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव का जवाब—जनता के सामने भ्रम फैलाने के बजाय अपने शासनकाल का भी हिसाब रखे कांग्रेस

रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर कांग्रेस द्वारा केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार को लेकर उठाए गए 43 सवालों पर उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस सवालों की संख्या बढ़ाकर राजनीतिक आरोप तो लगा सकती है, लेकिन इससे सरकार द्वारा जमीन पर किए जा रहे कार्यों को नकारा नहीं जा सकता। जनता योजनाओं का लाभ और प्रदेश में हो रहे बदलाव को स्वयं देख रही है।

श्री अरुण साव ने कहा कि रोजगार को लेकर सवाल उठाने वाली कांग्रेस को यह भी देखना चाहिए कि प्रदेश में विभिन्न विभागों में भर्ती और नियुक्ति की प्रक्रियाएं चल रही हैं। युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि किसानों को लेकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब सरकार की नीतियां और उनका क्रियान्वयन दे रहे हैं। किसानों के हित, धान खरीदी, कृषि सुविधाओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार विभिन्न स्तरों पर योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है।

उपमुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि महिलाओं, युवाओं, गरीबों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर सरकार का जवाब उसका काम है। शासन की विभिन्न सेवाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं को नागरिकों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाने के लिए सेवा सेतु जैसे आधिकारिक पोर्टल भी संचालित हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस महंगाई, रोजगार, किसान, बिजली और चुनावी घोषणाओं को लेकर आरोप लगा रही है। इन विषयों पर जनता के सामने सही और अद्यतन तथ्य रखे जाने चाहिए। केवल राजनीतिक आरोप लगा देने से वास्तविकता नहीं बदलती।

‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम पर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए श्री अरुण साव ने कहा कि जनभागीदारी से जुड़े किसी कार्यक्रम के खर्च या सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर आरोप लगाया जा रहा है तो उसके समर्थन में प्रमाणित तथ्य भी सामने रखे जाने चाहिए। बिना प्रमाण के आरोप लगाकर भ्रम पैदा करना उचित नहीं है।

उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा, “कांग्रेस 43 सवाल पूछे या 143, सरकार के काम का जवाब जमीन पर दिखाई दे रहा है। केवल आरोपों की संख्या बढ़ाने से सच नहीं बदलता। कांग्रेस अपने आरोपों के साथ प्रमाणित आंकड़े भी जनता के सामने रखे। छत्तीसगढ़ की जनता आरोप और वास्तविकता के बीच का अंतर अच्छी तरह समझती है।”

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