कांग्रेस घड़ियाली आँसू बहाकर किसानों का मखौल उड़ा रही — भाजपा

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खरीफ सत्र से ही किसानों के साथ खुलेआम धोखाधड़ी का चला दौर , अब तक थमने का नाम नहीं ले रहा

दवा कंपनी पर कार्रवाई के साथ ही किसान को आत्महत्या के बाध्य करने का मामला भी दर्ज कर जाँच कराई जाए : बृजमोहन

किसानों को सब्जबाग दिखाकर ,सारी सुविधाएं बंद कर रखी है भूपेश सरकार ।।

 

 

रायपुर — भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता, पूर्व कृषि मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने नकली कीटनाशक दवाओं से फसल नहीं बचा पाने पर किसान दुर्गेश निषाद द्वारा आत्महत्या करने के मामले में प्रदेश सरकार पर फिर तीखा हमला बोला है। श्री अग्रवाल ने कहा कि नकली कीटनाशक दवाओं के प्रदेश में चल रहे गोरखधंधे पर भाजपा के ध्यानाकर्षण के बावज़ूद प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कृषि मंत्री रवींद्र चौबे आँखों पर पट्टी बांधे, कानों में रुई ठूसे और मुँह में दही जमाए बैठे रहे और आज मृतक किसान के परिजनों के सामने घड़ियाली आँसू बहाकर किसानों का मखौल उड़ा रहे हैं।

पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक श्री अग्रवाल ने कहा कि किसानों के साथ छलावा, दग़ाबाजी और वादाख़िलाफ़ी करने वाली यह सरकार प्राकृतिक आपदाओं के साथ ही एक राजनीतिक आपदा से कम नहीं है। कर्जजमाफ़ी, बोनस भुगतान और पिछले वर्ष के धान की कीमत के भुगतान के नाम पर कपटपूर्ण राजनीति चरित्र ने कांग्रेस को बेनक़ाब कर दिया है। श्री अग्रवाल ने कहा कि चालू खरीफ सत्र की शुरुआत से ही किसानों के साथ खुलेआम धोखाधड़ी का जो दौर चला है, वह अब तक थमने का नाम नहीं ले रहा है और प्रदेश सरकार और उसकी प्रशासनिक मशीनरी दोषियों पर कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इस सत्र की शुरुआत में किसानों को घटिया बीज दिया गया जो अंकुरित ही नहीं हुआ। फिर ज़रूरत के समय किसान रासायनिक खाद की जमाखोरी-कालाबाजारी के कारण दर-दर की ठोकरें खाने विवश हुआ और साथ ही तभी से किसान नकली कीटनाशक दवाओं के नाम पर लूटा जाता रहा।

पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश के सभी इलाकों में नकली कीटनाशक दवा का छिड़काव करने वाले किसान तबाह हो गए हैं और हताश-निराश किसान अब आत्महत्या के लिए विवश हो रहे हैं। श्री अग्रवाल ने इस बात पर भी हैरत जताई कि प्रदेश के गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू अब नकली कीटनाशक मामले में जाँच कराने की बात कह रहे हैं, लेकिन पिछले खरीफ सत्र की फसल के खाद-बीज और कीटनाशक के नमूनों की जाँच रिपोर्ट तक अब तक नहीं आई है जबकि किसानों ने फसल काटकर बेच भी दी! श्री अग्रवाल ने कहा कि इससे साफ है कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ अमानवीयता की सारी हदें लांघने पर आमादा है। श्री अग्रवाल ने यह महज़ एक किसान की आत्महत्या का ही मामला नहीं है, वरन किसान को आत्महत्या के बाध्य करने का आपराधिक मामला है और इसके लिए प्रदेश सरकार न केवल कीटनाशक सप्लाई करने वाली दवा कंपनी पर कारगर कार्रवाई करे अपितु कंपनी के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला भी दर्ज कर मामले की जाँच कराए।

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