मधुमेह ( डायबिटिक ) में पैरों की देखभाल ( डायबेटिक फुट ) कैसे करे… डॉ राजेश ने दी महत्त्वपूर्ण जानकारी ।
रायपुर — एन एच एम एम आई नारायणा सुपरस्पेेशलिटी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ राजेश ने मधुमेह में पैरों की कैसे देखभाल करनी चाहिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए इस बारे में महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए कहा है मधुमेह दुनिया भर में सबसे आम समस्याओं में से एक है भारत में मधुमेह का प्रकोप अन्य राष्ट्रों के मुकाबले अधिक बढ़ रहा है आईडी ऐप के अनुसार वर्ष 2020 में दुनिया में 463 मिलियन लोगों को मधुमेह है और भारत में 77 मिलियन लोग मधुमेह में से प्रभावित हैं डियाबेटिक फूट मधुमेह के सबसे दुर्लभ और भयानक जटिलता में से एक है डायबिटिक फुट का वैश्विक प्रसार 6.3 परसेंट है भारत में डायबिटिक फुट का व्यापक दर 11.6 परसेंट पर दिखाई देता है डायबिटिक फुट होने पर मधुमेह के रोगी में पैर के विच्छेदन का जोखिम 15% से 46% ज्यादा है गैर मधुमेह रोगी की तुलना में डायबिटीज 70% से अधिक लोअर लिंब विच्छेदन का कारण है अर्थात यह पूर्व युद्ध क्षेत्रों में भी अधिक विच्छेदन का कारण है डायबिटिक फुट मधुमेह की दीर्घकालिक जटिलता है मधुमेह रोगी के पैरों में अल्सर संक्रमण या गैंग्रीन विकसित होने को डायबिटिक फुट कहते हैं । डायबिटिक फुट होने के तीन कारण है एक डायबीटिक न्यूरोपैथी दूसरा डायबिटीज वास्तु लोग पैथी और तीसरा संक्रमण इन्फेक्शन बहुत लंबे समय तक मधुमेह के रोगी होने पर पैरों की उत्तेजना खो जाती है रक्त शर्करा की अधिक मात्रा के कारण संक्रमण की संभावना बढ़ जाती है और यह सब डायबिटिक फुट के विकास की ओर जाते हैं पैरों में कुछ महसूस ना होने सुन्नत आया झुनझुनी सनसनी फफोले या अन्य घाव दर्द के साथ या बिना दर्द के पचा में मलिन किरण लालिमा मवाद के साथ खाओ या बिना मवाद के घाव विच्छेदन का खतरा बुखार ठंड लगना आदि डायबिटिक फुट के लक्षणों में शामिल है डायबिटिक फुट का इलाज यदि समय पर नहीं किया गया तो यह त्वचा और हड्डियों के संक्रमण जैसी कुछ गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है थोड़ा गैंग्रीन सेफ्टी की चार कोठो कभी-कभी यह विच्छेदन का कारण बन सकता है डायबिटिक फुट के उपचार में निरर्थक उपचार व सर्जिकल उपचार शामिल है निरर्थक उपचार में गांव की सफाई और ड्रेसिंग एंटीबायोटिक्स और अन्य उचित जूते व्यायाम और फिजियोथेरेपी रक्त प्रवाह बेहतर करने के लिए दवाइयां रक्त शर्करा का नियंत्रण आदि शामिल है सर्जिकल उपचार में शामिल हैं सर्जिकल डिब्रेडमेंट जल निकासी की सफाई रीसेल और उत्तरों की चटाई पर विच्छेद
डायबिटीज फूड को गंभीरता के आधार पर वर्गीकृत किया गया है
अल्सर त्वचा के ऊपरी हिस्से में अल्सर
ग्रेड 01 सुपर फ्री जी की अल्सर ग्रेड 02 हड्डी का अस्ति बंधन तक गहरा असर ग्रेड 03 ओस्टियोमाइलाइटिस पैर की उंगलियां या अग्रभाग की ग्रंथ ग्रंथ डायबिटीज से बचने के लिए मधुमेह रोगियों को एतिहाद बरतना अत्यधिक आवश्यक है डायबिटीज के रोगी को अपने पैरों के बारे में बहुत सतर्क रहना चाहिए।
डायबिटीज फूड से बचने के लिए निम्नलिखित उपाय करने चाहिए ।
हर दिन पैरों की जांच करें, रोजाना पैरों में सहायक जूते और मोजे पहने ,व्यायाम और चलने में पैरों में रक्त प्रवाह बेहतर होता है, नाखूनों को सावधानी से कांटे, पैरों को अत्यधिक तापमान से बचाएं पैरों के नियमित जांच कराएं ,ब्लड शुगर को नियंत्रित रखें, धूम्रपान से बचें ,अगर यह लक्षण दिखे तो डायबिटीज रोगियों को फौरन चिकित्सक की सलाह लेनी चाहिए । पैरों की त्वचा के रंग में परिवर्तन की एडी में सूजन पैरों में तापमान परिवर्तन पैरों पर लगातार घाव पैरों एड़ी में दर्द या मरोड़ पैरों में नाखून का अंदर की ओर बढ़ना पैरों का फंगल संक्रमण सुखी और फटी त्वचा संक्रमण के संकेत हैं ।
