दल नियमित रूप से कृषि प्रक्षेत्रों का निरीक्षण करें – कलेक्टर डॉ भारतीदासन
रासायनिक कीटनाशी दवाओं के संतुलित और सही समय मे उपयोग से किसान कीटव्याधियों से होने वाले नुकसान से बचें

रायपुर 09 अक्टूबर 2020 — कलेक्टर डॉ.एस.भारतीदासन के निर्देश पर फसल की सुरक्षा एवं देखभाल के लिए कृषि वैज्ञानिक एवं अधिकारियों का संयुक्त दल गठन किया गया है।दल को नियमित रूप से कृषि प्रक्षेत्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि जिला स्तरीय पेस्ट सर्विलेंस दल द्वारा विकासखण्ड-आरंग एवं अभनपुर के ग्राम गोढ़ी, बड़गांव, चन्दखुरी, मुनगी,बहनाकाड़ी, कुरुद, सुन्दरकेरा, छांटा, नवागांव आदि ग्रामों के कृषकों के प्रक्षेत्रों का निरीक्षण किया गया।उन्होंने बताया कि धान में वर्तमान में मुख्य रुप से तनाछेदक, भुरामाहो, पैनिकल माईट आदि कीटों का प्रकोप देखा गया। इसी प्रकार धान फसल में बैक्टीरियल लिफ ब्लाईट, ब्लास्ट, शीथ ब्लाईट, फॉल्स स्मट आदि बीमारियों का प्रकोप देखा गया है। फसल निरीक्षण उपरान्त कृषि वैज्ञानिक ने बताया की शीघ्र बोने वाली किस्में लगभग कटाई के लिये तैयार है अतः अभी रासायनिक दवाओं के उपयोग से बेहतर परिणाम नहीं आयेंगे परन्तु देर से पकने वाली किस्में गभोट एवं बाली निकलने की अवस्था में है अतः रासायनिक कीटनाशी दवाओं के उपयोग से किसान कीटव्याधियों से होने वाले नुकसान से बच सकते है।
किसान धान में भूरामाहो कीट के नियंत्रण हेतु पाईमेट्राजिन 50 प्रतिशत 300 ग्राम प्रति हेक्टेयर या थायमेथाक्जम 75 प्रतिशत 400 ग्राम प्रति हेक्टेयर या डायनोटेफ्यूरॉन 20 प्रतिशत 200 ग्राम प्रति हेक्टेयर तथा धान के तनाछेदक कीट नियंत्रण हेतु का हाईड्रोक्लोराईड 50 प्रतिशत को 1 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर या लेम्डासाईहेलाथिन 5 प्रतिशत 250 मि.ली. प्रति हेक्टेयर या क्लोरेन्ट्रानिलीप्रोल 18.50 प्रतिशत को 150 मि.ली. प्रति हेक्टेयर एवं पेनिकल माईट के नियंत्रण हेतु डाईकोफॉल 18.50 प्रतिशत को 600 मि.ली. प्रति हेक्टेयर या स्पायरोमेसीफेन 122.90 प्रतिशत को 150 मि.ली. प्रति हेक्टेयर या इथियॉन 50 प्रतिशत को 500 मि.ली. प्रति हेक्टेयर उपयोग की अनुशंसा की गई। इसी प्रकार ब्लास्ट व शीथ ब्लाईट के नियंत्रण हेतु कार्बेन्डाजिम 25 प्रतिशत + मेन्कोजेब 50 प्रतिशत को 500 ग्राम प्रति हेक्टेयर या ट्राईसॉयक्लाजोल 45 प्रतिशत + हेक्जाकोनाजोल 10 प्रतिशत को 500 ग्राम प्रति हेक्टेयर या प्रोफिकोनाजोल10.70 प्रतिशत + ट्राईसॉयक्लाजोल 34.2 प्रतिशत को 625 मि.ली. प्रति हेक्टेयर उपयोग हेतु सुझाव दिया गया। इसके अतिरिक्त चारो विकासखंडों के मैदानी अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा कीटव्याधि पर सतत् निगरानी हेतु निर्देश दिये गए है। उप संचालक कृषि के नेतृत्व में कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु जिले में टीम गठित कर बीज, उर्वरक एवं कीटनाशक निर्माता एवं विक्रेता परिसरों का निरीक्षण कर नमूना, गुणवत्ता परीक्षण हेतु शासन द्वारा अधिसूचित गुण नियत्रंण प्रयोगशाला प्रेषित किया जा रहा है। ताकि कृषकों को गुणवत्तायुक्त आदान सामग्री प्राप्त हो सके। किसान खेतों में कीटव्याधि के प्रकोप होने पर कृषि अधिकारियों के अनुशंसा अनुसार ही रासायनिक दवाईयों का उपयोग करें। गलत कीटनाशकों के प्रयोग से कीटों में प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि हो जाती है। रासायनिक कीटनाशकों का सही समय, सही दवा एवं सही विधि का उपयोग करें। कीट बीमारी आदि के संबंध में समसामयिक सलाह हेतु जिला स्तर पर स्थापित नियंत्रण कक्ष दूरभाष नंबर 0771-2435746 पर संपर्क किया जा सकता है।
