अमित जोगी ने लिखा भारतीय निर्वाचन आयोग को पत्र… हार के भय से जोगी परिवार को चुनाव लड़ने से रोकने किया जा रहा है सत्ता का दुरुपयोग ।
रायपुर/बिलासपुर/GPM दिनांक 16 अक्टूबर 2020 —
जनता काँग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष श्री अमित जोगी ने भारतीय निर्वाचन आयोग को पत्र लिखकर कि राज्य सरकार सत्ता का दुरुपयोग कर किसी भी तरह उनको व उनकी पत्नी श्रीमती ऋचा जोगी को चुनाव लड़ने से रोकने के कोशिश करेगी। राज्य सरकार इस बात से पूरी तरह वाक़िफ़ है कि मरवाही के लोगों के दिलों में सिर्फ जोगी परिवार बसता है, जिससे राज्य सरकार बुरी तरह बौखला गयी है। साम दाम दंड भेद की नीति के बाद भी जब राज्य सरकार मरवाही उपचुनाव में अपनी हार और जोगी परिवार की जीत ही दिख रही तो वो अब फिर से जोगी परिवार की जाति का मुद्दा उठाकर उन्हें गैर कानूनी तरीके से चुनाव लड़ने से रोक रही है।
जोगी परिवार आदिवासी समाज से आते है, काँग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी ने खुद इस बात को माना था और स्वर्गीय श्री. अजित जोगी जी को छत्तीसगढ़ का प्रथम आदिवासी मुख्यमंत्री बनाया था। तो अब उसी पार्टी की राज्य सरकार को जोगी परिवार के जाति से क्या दिक्कत होगयी ? खुद उच्च न्यायालय ने स्वर्गीय श्री. अजीत जोगी जी की आदिवासी जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने से स्टे लगाया था और उनका पुत्र उन्होंने के नाते मेरा आदिवासी जाति प्रमाण पत्र भी सरकार निरस्त नही कर सकती।
राज्य सरकार ने जो छत्तीसगढ़ अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग अधिनियम, 2013 में जो बदलाव किए है, उसके खिलाफ अमित जोगी और ऋचा जोगी ने सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर की है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकर और रिटर्निंग अफसर उनका व उनकी पत्नी का नामांकन अमान्य व रद्द करके मरवाही उपचुनाव लड़ने व जितने से हर संभव प्रयास करेंगे, इसलिए अमित जोगी ने भारतीय निर्वाचन आयोग से गुहार लगा कर राज्य सरकार के इस असंवैधानिक कार्य मे हस्तक्षेप के लिए अनुरोध किया।

