रमन सिंह ने माओवादियों के आगे घुटने टेका तभी तो माओवाद बस्तर से कवर्धा तक पहुँचा — शैलेश नितिन

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दक्षिण बस्तर के 3 ब्लाकों तक सीमित माओवाद भाजपा सरकार के 15 साल के कार्यकाल में 14 जिलो तक फैला

कांग्रेस पर सरोज पांडेय के आरोप गैरजिम्मेदाराना और निराधार

सरोज पांडे से सवालः क्या झीरम की घटना रमन सिंह के माओवादियों से लड़ने का सबूत है?

रायपुर/09 नवंबर 2020 — प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि रमन सिंह ने माओवादियों के आगे घुटने टेकने का काम किया तभी तो दक्षिण बस्तर के 3 ब्लाकों तक सीमित माओवाद भाजपा सरकार के 15 साल के कार्यकाल में 14 जिलों तक फैला। कांग्रेस माओवाद के खिलाफ लड़ाई और इस समस्या के समाधान के लिये प्रतिबद्ध है। इसीलिये कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में इसका स्पष्ट उल्लेख किया है। केन्द्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार बनने के बाद छत्तीसगढ़ सहित देश के अन्य राज्यों में माओवाद के खिलाफ लड़ाई कमजोर हुई। मोदी सरकार ने माओवाद के खिलाफ लड़ाई के लिये राज्यों को संसाधन और सुरक्षा बलों की उपलब्धता में कटौतियां कर दी। कांग्रेस की यूपीए सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा और आंतरिक आतंकवाद से लड़ने के लिये राष्ट्रीय आतंक विरोधी दस्ते का एनसीटीसी का निर्माण किया था, मोदी सरकार के आने के बाद इसको बंद कर दिया गया। रमन राज में माओवाद का फलना फुलना भाजपा से माओवादियों की सांठगाठ को दर्शाता है। नक्सलियों से संबंध और सांठ-गांठ तो भाजपा और उसके नेताओं के रहे है। भाजपा के बड़े नेता रामविचार नेताम ने माओवादियों को 4 लाख चंदा दिया था। रामविचार नेताम माओवादियो को चंदा देते थे और बकायदा रसीद पकड़ाई थी। 2004 की विधानसभा की कार्यवाही में यह बात पर चर्चा भी हुयी थी। कांग्रेस द्वारा जांच की मांग को स्वीकार न कर भाजपा के बड़े नेता रामविचार नेताम द्वारा माओवादियों को चंदा देने के मामले को दबाया गया। शुभांशु चौधरी की किताब ‘‘उसका नाम वासु नहीं है’’ के पृष्ठ क्रमांक 101 में माओवादी नेता रमन्ना के हवाले से लिखा है कि लता उसेन्डी के पिता नारायणपुर में माओवादी साहित्य का प्रकाशन करते थे। मोआवादी नेता रमन्ना ने भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष विक्रम उसेन्डी के घर आने-जाने रहने और उनके हेडमास्टर पिता के साथ भोजन करते रहने की बात लिखी है। कभी किसी भी भाजपा नेता ने इस लेखन पर आपत्ति भी दर्ज नहीं की है जिस कांग्रेस के नेताओं की माओवादी घटनाओं में शहादत हुयी है भाजपा नेता सरोज पांडेय उस पर गैर जिम्मेदाराना निराधार आरोप लगा रही हैं।
भाजपा नेता सरोज पांडेय से प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख शैलेश नितिन त्रिवेदी ने पूछा है कि क्या झीरम की घटना रमन सिंह के माओवादियों से लड़ने का सबूत है?सरोज पांडेय बतायें कि 4 ब्लाक का नक्सलवाद कैसे 14 जिलों तक पहुंच गया? यूपीए सरकार द्वारा गठित एनसीटीसी देश की आंतरिक सुरक्षा और आंतरिक आतंकवाद से लड़ने के लिये राष्ट्रीय आंतक विरोधी दस्ते का एनसीटीसी का निर्माण किया था, मोदी सरकार के आने के बाद इसको बंद कर दिया गया। रमन सिंह द्वारा राजनैतिक विद्वेष के कारण हटाई गयी सुरक्षा के कारण कांग्रेस के नेताओं की पूरी एक पीढ़ी की हत्या नक्सलियों के द्वारा झीरम घाटी में कर दी गयी। जिनका नाखून भी नही कटा वह सिर कटाने वालों पर आरोप लगायें इससे ज्यादा गैर जिम्मेदाराना और कुछ भी नहीं हो सकती। 
प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेश नितिन त्रिवेदी ने कहा है कि भाजपा की रमन सिंह सरकार ही जिम्मेदार रही है छत्तीसगढ़ में माओवाद विस्तार के लिये, माओवाद के फलने-फूलने के लिये। छत्तीसगढ़ में माओवाद के बढ़ने के लिये भाजपा सरकार की गलत नीतियां और भाजपा के नेताओं की माओवादियो से मिलीभगत जिम्मेदार रही है। कांग्रेस ने तो अपनी पूरी पीढ़ी को गंवाया है, माओवादियों के हाथों। कांग्रेस की सरकार बनने के बाद आज बस्तर में जो स्थितियां बेहतर हुई हैं। आदिवासियों का जनजीवन सुरक्षित हुआ है लेकिन यह बात भाजपा को हजम नहीं हो रही है क्योंकि साफ़ दिख रहा है कि छत्तीसगढ़ में नक्सली हिंसा में बढ़ोत्तरी के लिये भाजपा की ग़लत नीतियां ही जिम्मेदार थीं।

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