समर्थन मूल्य में वृद्धि का लाभ किसानों को नहीं देना और सब्सिडी के बावज़ूद डीएपी खाद 18-19सौ रुपए में बेचना अन्यायपूर्ण : भाजपा

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष साय भूपेश सरकार पर हुए हमलावर, कहा- केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ से लोगों को वंचित रखने की क़ीमत चुकाने प्रदेश सरकार तैयार रहे

प्रदेश सरकार अगली फ़सल के लिए धान की क़ीमत 27सौ रुपए प्रति क्विंटल कर उसके एकमुश्त भुगतान की घोषणा करे, डीएपी खाद पर दी गई सब्सिडी का लाभ किसानों को दे

किसानों को सम्मान निधि के लाभ से वंचित रखना, ग़रीबों के राशन के चावल में डाका डालना, प्रमं आवास योजना लौटाना, आयुष्मान भारत योजना में अड़ंगा डालना शर्मनाक कृत्य

 

रायपुर — भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदेव साय ने प्रदेश सरकार पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के लाभ से प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के लोगों को वंचित रख रही है। धान के समर्थन मूल्य में केंद्र सरकार द्वारा की गई बढ़ोतरी के बाद श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्र द्वारा समर्थन मूल्य में की गई वृद्धि का लाभ सीधे किसानों को नहीं दिया जाना अन्यायपूर्ण है। इसी प्रकार केंद्र द्वारा सब्सिडी देने की घोषणा के बावज़ूद प्रदेश के किसानों को डीएपी खाद 12सौ के बजाय 18-19सौ रुपए में दी जा रही है। प्रदेश सरकार अपने इन किसान और जनविरोधी कृत्यों की क़ीमत चुकाने के लिए तैयार रहे।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने 25सौ रुपए प्रति क्विंटल धान ख़रीदने का वादा किया था। केंद्र सरकार ने इस बीच तीन बार कृषि उपजों के समर्थन मूल्य में सम्मानपूर्ण बढ़ोतरी करके किसानों के हितों की चिंता की लेकिन प्रदेश सरकार इस बढ़े हुए समर्थन मूल्य की राशि को 25सौ रुपए में समाहित कर अपनी ओर से दी जाने वाली अतिरिक्त राशि में लगातार कटौती कर रही है, जिससे किसानों को बढ़े समर्थन मूल्य का सीधा लाभ नहीं मिल रहा है। श्री साय ने कहा कि किसानों के साथ क़दम-क़दम पर छलावा कर रही प्रदेश सरकार एक ओर जहाँ अपने घोषित धान मूल्य का एकमुश्त भुगतान करने में हाँफ रही है, वहीं केंद्र सरकार की योजनाओं के लाभ से भी किसानों को वंचित कर रही है। श्री साय ने कहा कि पिछले सत्रों में केंद्र सरकार ने धान के समर्थन मूल्य में 200 रुपए की वृद्धि की है। श्री साय ने मांग की कि अब प्रदेश सरकार आनुपातिक रूप से अगली फ़सल के लिए धान की क़ीमत 27सौ रुपए प्रति क्विंटल कर उसके एकमुश्त भुगतान की घोषणा करे। इसी प्रकार अन्य फ़सलों की क़ीमतें बढ़ाई जाएँ। श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों की चिंता करके डीएपी खाद पर सब्सिडी की घोषणा की, जिसे लेकर कांग्रेस व प्रदेश सरकार के लोग अपने मुँह मियाँ मिठ्ठू बनकर वृथा गाल बजा रहे हैं, लेकिन प्रदेश सरकार छत्तीसगढ़ के किसानों को 12 सौ के बजाय 18-19सौ रुपए में खाद दे रही है। समिति प्रबंधकों द्वारा किसानों को सब्सिडी का लाभ नहीं देकर सीधे-सीधे लूटा जाना और प्रदेश सरकार का इस पर चुप्पी साधे रहना इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों को डीएपी पर दी गई सब्सिडी के लाभ से प्रदेश सरकार के इशारों पर वंचित रखने का शर्मनाक कृत्य किया जा रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री साय ने कहा कि केंद्र सरकार के ख़िलाफ़ गाहे-बगाहे अनर्गल प्रलाप करने और बड़ी-बड़ी डींगें हाँककर झूठा श्रेय बटोरने की ओछी राजनीति में मशगूल भूपेश सरकार केवल किसानों के साथ ही अन्याय नहीं कर रही है, अपितु प्रदेश के हर वर्ग के लाभार्थियों के साथ ऐसा ही छलावा कर रही है। प्रधानमंत्री ग़रीब कल्याण अन्न योजना के पूरे चावल का वितरण नहीं करके प्रदेश सरकार ग़रीबों के हक़ के राशन में डाका डाल रही है। प्रदेश के खाद्य मंत्री अमरजीत भगत द्वारा इस मामले की जाँच का एलान इस गड़बड़ी की स्वीकारोक्ति ही है। श्री साय ने कहा कि मुफ़्त वितरण के लिए पंचायतों को मुहैया चावल तक बेचने में ज़रा भी शर्म महसूस नहीं करने वाली सरकार अब केंद्र सरकार की घोषणा के बाद ग़रीबों को पाँच माह तक मुफ़्त राशन देने की घोषणा करके प्रदेश सरकार क्या राशन घोटाले की पटकथा लिख रही है? इसी प्रकार प्रधानमंत्री आवास योजना को रोकते हुए उसे वापस लौटाकर प्रदेश सरकार उन लाखों ग़रीब परिवारों को केंद्र की योजना के लाभ से वंचित रखा गया, जो इस योजना से अपने घर के सपने को पूरा होने की उम्मीद लगाए बैठे थे। श्री साय ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के लाभ से भी प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ को वंचित कर रखा है। इसी प्रकार किसानों के नाम पर पाखंड करने वाली प्रदेश सरकार ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का डाटा उपलब्ध कराने में आनाकानी करके प्रदेश के लोखों किसानों को इस योजना के आर्थिक लाभ से वंचित कर रही है।

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