एमआईसी ने जोनो का पुनर्गठन करने के संबंध में प्रस्ताव अनुषंसित कर सामान्य सभा में चर्चा हेतु रखने के दिये निर्देष

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रायपुर – आज नगर पालिक निगम रायपुर में महापौर श्रीमती मीनल चैबे की अध्यक्षता, आयुक्त श्री विष्वदीप, एमआईसी सदस्य डाॅ. अनामिका सिंह, श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, श्रीमती सुमन अषोक पाण्डेय, श्रीमती सरिता आकाष दुबे, श्रीमती संजना हियाल, सर्वश्री दीपक जायसवाल, मनोज वर्मा, अवतार भारती बागल, संतोष सीमा साहू, महेन्द्र खोडियार, खेम कुमार सेन, नंदकिषोर साहू, भोला राम साहू, अपर आयुक्त श्री विनोद पाण्डेय, निगम सचिव श्री सूर्यकांत श्रीवास्तव, प्रभारी अपर आयुक्त सामान्य प्रषासन श्रीमती कृष्णा खटीक सहित उपायुक्तगणों, जोन कमिष्नरों, कार्यपालन अभियंताओं, प्रभारी अधिकारियों की उपस्थिति में महात्मा गांधी सदन के तृतीय तल सभाकक्ष में मेयर इन काउंसिल की बैठक हुई।
बैठक में नगर निगम सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा रखे गये प्रस्ताव जोनो का पुनर्गठन करने के संबंध में चर्चा और विचार विमर्ष कर प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अनुषंसित करते हुए नगर निगम सामान्य सभा की बैठक में चर्चा हेतु रखे जाने के निर्देष एमआईसी द्वारा दिये गये। विभागीय प्रस्ताव के अनुसार वर्तमान में नगर पालिक निगम, रायपुर के अंतर्गत 10 जोन कार्यालय एवं 70 वार्ड है प्रत्येक जोन अनुसार 07-07 वार्डो का विभाजन किया जाना था किंतु वर्ष 2024 वार्ड परिसीमन के अनुसार वर्तमान में जोन क्रमांक-09 एवं जोन क्रमांक-10 में 07 वार्ड से अतिरिक्त होकर 08-08 वार्ड है तथा जोन क्रमांक-03 में सिर्फ 05 वार्ड है जिसके कारण असंतुलन की स्थिति उत्पन्न हो रही है। जिसे सुचारू रूप से संचालन किये जाने हेतु नये जोन गठन किया जाना प्रस्तावित है।
नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा (48 – क्र. वार्ड समितियों का गठन तथा उनकी संरचना (1) तीन लाख या उससे अधिक जनसंख्या वाले किसी नगर पालिक निगम के प्रादेशिक क्षेत्र के भीतर वार्ड समिमियों का गठन किया जाएगा।) वार्ड समिति का गठन धारा 18 की उपधारा (1) के अधीन अध्यक्ष के निर्वाचन की तारीख से तीन दिन के भीतर किया जाएगा। परन्तु तीन लाख से कम जनसंख्या वाले निगम भी अपने प्रादेशिक क्षेत्र में वार्ड समितियां गठित कर सकेंगे। (2) किसी निगम में वार्ड समितियों की संख्या उतनी होगी जो नगर पालिक क्षेत्र की जनसंख्या को एक लाख से विभाजित करने पर प्राप्त होती है। परन्तु आधे से कम भाग की संगणना नही की जाएगीं और आधे के बराबर या उससे अधिक भाग को निकटतम पूर्ण अंक तक पूर्णाकिंत किया जाएगा। (3) निगम की वार्ड समिति मे सम्मिलित वार्डो की ( संख्या यथाशक्य निकटतम एक जैसी होगी। (4) निगम, वार्ड समितियों का प्रादेशिक क्षेत्र अवधारित करने के लिए सक्षम होगा। परन्तु किसी वार्ड समिति के प्रादेशिक क्षेत्र में सम्मिलित किये गये वार्ड समीपस्थ होगे। (5) किसी वार्ड समिति के प्रादेशिक क्षेत्र के भीतर के किसी वार्ड का प्रतिनिधित्व करने वाला प्रत्येक निर्वाचित पार्षद और ऐसी वार्ड समिति के प्रादेशिक क्षेत्र के भीतर निवास करने वाले दो व्यक्ति, जो महापौर द्वारा नाम निर्दिष्ट किए जाएं, उस समिति के सदस्य होगे। परन्तु केवल ऐसा व्यक्ति, जो पार्षद के रूप में निर्वाचन के लिए अन्यथा अपात्र नहीं है, इस प्रकार नामनिर्दिष्ट किया जाएगा। परन्तु यह और भी कि केवल उन व्यक्तियों को ही. जिन्हें नगर पालिक प्रशासन का विशेष ज्ञान या अनुभव है. वार्ड समिति के अध्यक्ष की सिफारिश पर नामनिर्दिष्ट किया जाएगा और इस प्रकार नामनिर्दिष्ट व्यक्तियों को वार्ड समितियों के सम्मिलन में मत देने का अधिकार नहीं होगा । (6) वार्ड समिति अपने प्रथम विहित रीति में सम्मिलन सम्मिलन, में अपने निर्वाचित पार्षदों में से एक सदस्य को वार्ड समिति के अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित करेगी जो अपना पद नगर पालिक निगम की अवधि पर्यन्त धारण करेगा। परन्तु जब अध्यक्ष किसी वार्ड समिति का सदस्य है तो अध्यक्ष ऐसी वार्ड समिति का पदेन सभापति होगा। (7) राज्य सरकार, वार्ड समितियों, के कृत्य तथा शक्तियों और उनके कार्य संचालन के लिए प्रक्रिया विहित करेगी।

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