सफलता की कहानी : चिरायु योजना: 08 वर्षीय बालिका निधि के आंखों को मिली नई रोशनी

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सिम्स में किया गया मोतियाबिंद का निःशुल्क सफल ऑपरेशन

रायपुर 23 जुलाई 2025/ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के अंतर्गत बिलासपुर स्थित सिम्स अस्पताल में मुंगेली जिले की 08 वर्षीय बालिका निधि सारथी के ऑख में मोतियाबिंद का सफल आपरेशन किया गया। इससे निधि के आखों को नई रोशनी मिल गई। अब बच्ची को सब कुछ स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। मुंगेली कलेक्टर ने बच्ची के बेहतर ईलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए थे, जिसके परिपालन में विभाग द्वारा बच्ची को सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया था।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि निधि के आंख में जन्म से ही मोतियाबिंद की समस्या थी, जिसके कारण उसे देखने में काफी समस्या होती थी, इससे उसकी पढ़ाई-लिखाई में परेशानी होती थी। चिकित्सकों ने इस समस्या से निजात दिलाने आपरेशन कराने की सलाह दी। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने निधि के आंख का आपरेशन कर कृत्रिम लेंस लगाया है, जिससे निधि को साफ-साफ दिखाई देने लगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री गिरीश कुर्रे ने बताया कि चिरायु योजनांतर्गत 0 से 18 वर्ष के बच्चों को जन्मजात विकृति जैसे कटे-फटे होंठ, मोतियाबिंद, टेढ़े-मेढ़े अंग, श्रवण बाधा आदि के उपचार की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जाती है। जरूरत पड़ने पर उच्चस्तरीय संस्थानों में रेफर उपचार भी कराया जाता है। चिरायु योजना के तहत निधि को लाभान्वित किया गया, जिससे अब उसे साफ दिखाई देने लगी और वह अपनी शिक्षा जारी रख सकी है।

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