सफलता की कहानी : प्रधानमंत्री जनमन योजना ने बदली विशेष पिछड़ी जनजातीय के बैगा परिवारों की तकदीर

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पक्के घर में प्रवेश से बैगा परिवारों का जीवन खुशियों से भर गया

रायपुर, 28 अक्टूबर 2025/प्रधानमंत्री आदिवासी जनजाति न्याय महा अभियान पीएम-जनमन योजना शासन की महत्वकांक्षी योजना है। इस योजना से जिले के दुर्गम वनांचल पहाड़ी क्षेत्रों में निवास करने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के परिवारों को पक्के मकान से लाभान्वित करना है। कबीरधाम ज़िले के विकासखंड बोड़ला के ग्राम पंचायत-ढोलबज्जा की निवासी श्रीमती सुकरतीन बाई बैगा, श्री महेन्द्रलाल धु्रव एवं श्रीमती जाम बाई बैगा को योजना से पक्का आवास प्राप्त हुआ। ये तीनों अपने नये घर में प्रवेश करते हुए कहते है कि जनमन योजना ने हमारी दशा और दिशा दोनों बदल दी। योजना से जीवन मे आये सुखद बदलाव को आवास लाभार्थियों ने बताया।

पक्के आशियाने ने परेशानियों से दिलाई मुक्ति- सुकरतीन बाई बैगा

लाभार्थी सुकरतीन बाई बैगा बताती है कि पहले हम कच्ची छत एवं कच्ची मिट्टी से बने पुश्तैनी मकान में परिवार सहित रहते थे। सभी मौसम में परिवार को संभालने की समस्या बनी रहती थी। प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत सर्वे हुआ और ग्राम सभा द्वारा मेरा नाम पात्रता सूची में जोड़ा गया। जिसके बाद वर्ष 2023-24 में आवास बनाने के लिए 2 लाख रुपए की स्वीकृति मिल गई। आवास स्वकृति मिलने के साथ पहले किश्त की राशि 40 हजार रूपये मेरे बैंक खाता में ऑन लाईन से आ गया। जैसे ही आवास मित्र द्वारा राशि खाता में आने की सूचना दिया वैसे ही ले-आऊट डालकर आवास निर्माण कार्य प्रारंभ हो गया। जैसे-जैसे आवास बनाता गया जियो टेग करने के बाद बाकी राशि उनके खाता में अंतरित होती गई। अब मेरा अपना पक्का आशियाना बनकर तैयार हो गया। मेरा परिवार अब सभी परेशानियों से मुक्त है।

जनमन आवास से मिला जीवन को नया मोड़ -श्री महेन्द्रलाल

लाभार्थी महेन्द्रलाल धु्रव बताते हैं कि उन्हे जनमन योजना के तहत आवास निर्माण के बारे में जानकारी मिली। जिसके तहत झोपड़ी एवं कच्चे मकान में रहने वाले हम विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा परिवार के रहने वालों को पक्का मकान दिया जा रहें है और इसके लिए सरकार 2 लाख रुपए दे रही है। मेरी आर्थिक स्थिति को देखते हुये घर और झोपड़ी का सर्वे किया गया। उसमें मेरा परिवार आवास के लिए पात्र पाया गया और अविलंब आवास बनाने के स्वीकृति मिल गई। आवास निर्माण के लिए 2 लाख रूपये चार किश्तों में मेरे खाता में ऑन लाईन से मिल गया। मेरा पक्का घर बनकर तैयार हो गया है। मुझे यह सब कुछ सपने जैसा लगता है क्योंकि अब हमारा पूरा परिवार पक्के मकान में खुशी से रह रहे है। मेरी इतनी आमदनी भी नहीं है कि अपने से परिवार के लिए पक्का घर बना सकूं। सरकार से मिला आर्थिक सहयोग जीवन को नए मोड़ पर ले आया है जहां अब भविष्य में सिर्फ आगे बढ़ते जाना है।

पक्के घर में रहने से बढ़ा मान-सम्मान-श्रीमती जामबाई बैगा

लाभार्थी श्रीमती जामबाई बैगा बताती है कि आर्थिक स्थिति उतनी अच्छी नहीं थी। बांस का सूपा, टोकरी एवं अन्य सामाग्री बनाकर और उसे बेचकर अपना और परिवार का जीवन यापन करती थी। ऐसे में अपना पक्का आवास कहा बना सकती थी। लेकिन जनमन योजना ने दशा एवं दिशा दोनो बदल दी है। वर्ष 2023-24 में योजनां से आवास की स्वीकृति मिली और 4 किश्तों में घर बनाने 2 लाख रुपए मिल गया। अब खुशहाल जीवन है। अपने खुद के पक्के घर में रहना बड़ी बात है क्योंकि समाज में मान सम्मान बढ़ गया। भविष्य की चिंता नहीं रही।

जिला प्रशासन के निर्देश पर में पीएम-जनमन योजना जिले में क्रियान्वित किए जा रहे है। इस संबंध में चर्चा करते हुए मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अजय कुमार त्रिपाठी बताते हैं कि दुर्गम एवं वनांचल क्षेत्र में रहने वाले बैगा आदिवासियों के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना बहुत महत्वपूर्ण है। सड़क बिजली पानी पक्का आवास जैसे जीवन की मूलभूत सुविधाओं की पूर्ति पहले से और आसान हो गई है। कबीरधाम जिले के बहुत से बैगा परिवारों को प्रधानमंत्री जनमन योजना अंतर्गत आवास का लाभ मिल रहा है। यही कारण है कि वनांचल क्षेत्र के हमारे ग्रामीण आसानी से पक्का घर बनाकर उसमें रहने लगे हैं और अपना घर बनाने के लिए उन्हें शासन से अच्छा आर्थिक सहयोग मिल रहा है। हमारा प्रयास है कि जिले में स्वीकृत सभी जनमन आवास को यथाशीघ्र पूरा कर लिया जाए। इसके लिए मैदानी कर्मचारी एवं जिले के अधिकारियों द्वारा लगातार फील्ड निरीक्षण किया जा रहा है। हितग्राहियों से चर्चा की जा रही है एवं उन्हें हर संभव मदद उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे कि शत प्रतिशत आवास का निर्माण समय सीमा में हो सके।

विभिन्न योजनाओं के अभिसरण ने जीवन को बनाया और भी सरल एवं सुखमय

श्रीमती सुकरतीन बाई बैगा, महेन्द्रलाल धु्रव एवं जामबाई बैगा को प्रधानमंत्री जनमन आवास बनाने के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना से 95 दिवस का रोजगार मिला जिसमें प्रतिदिन 261 रुपए की मजदूरी प्राप्त हुई। अपने खुद का आवास बनाने के लिए तीनों हितग्राहियों को अलग-अलग 24795 रुपए का मजदूरी भुगतान इनके खाते में प्राप्त हुआ। इसी तरह आयुष्मान भारत योजना के तहत आयुष्मान कार्ड भी इन तीनों परिवारों को प्राप्त है। गरीबी रेखा का राशन कार्ड तीनों हितग्राहियों के लिए सस्ते खाद्यान्न का स्रोत है जिसका लाभ इन्हें मिल रहा है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से इन तीनों परिवारों को गैस सिलेंडर एवं चूल्हा मिला है जो इन्हें साधन एवं संपन्न बनाते हुए धुएं से मुक्त कर रहा है। नलजल योजना घर में लगी हुई है। शौचालय की सुविधा एवं बिजली की व्यवस्था भी इन तीनों परिवारों को प्राप्त है।किसान सम्मान निधि योजना से तीनों परिवार आर्थिक रूप से लाभान्वित हो रहे हैं और वन अधिकार के तहत लाभ मिल रहा है। प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप महतारी वंदन योजना से इन तीनो हितग्राही परिवारों को 1000 रुपए प्रति महीने की दर से आर्थिक सहायता मिल रही है जो इन्हें और भी सशक्त एवं संपन्न बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। योजनाओं के अभिसरण से अब यह तीनों परिवार तरक्की की नई राह में अग्रसर है जीवन की मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति पहले से बहुत आसान हो गई है।

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