संस्कार भारती की “युवा रंग साधक नाट्य कार्यशाला” का भव्य समापन

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रायपुर। संस्कार भारती छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित “युवा रंग साधक नाट्य कार्यशाला” का 14 अप्रैल को भव्य समापन हुआ। 8 अप्रैल से प्रारंभ हुई इस सात दिवसीय कार्यशाला का आयोजन आनंद समाज वाचनालय के हॉल में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवा प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

सात दिनों तक चली इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को रंगमंच की बारीकियों से गहराई से परिचित कराया गया। प्रशिक्षण के दौरान अभिनय की मूलभूत तकनीकों, भाव एवं भंगिमा, बॉडी लैंग्वेज, एक्सप्रेशन, संवाद अदायगी, वॉइस मॉड्यूलेशन, टाइमिंग, मंच अनुशासन, चरित्र निर्माण (कैरेक्टर बिल्डिंग) तथा सीन वर्क जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक अभ्यास कराया गया।

इसके साथ ही प्रतिभागियों को नाटक की संपूर्ण प्रक्रिया से अवगत कराया गया, जिसमें स्क्रिप्ट रीडिंग, चरित्र की समझ, मंच सज्जा (सेट डिजाइन), कॉस्ट्यूम चयन, मेकअप, लाइटिंग तथा टीम वर्क के महत्व को विस्तार से समझाया गया। 13 और 14 अप्रैल को विशेष रूप से सेट, कॉस्ट्यूम और मेकअप जैसे विषयों पर अरुण भांगे द्वारा प्रशिक्षण दिया गया, साथ ही सीन वर्क के माध्यम से प्रतिभागियों को मंचीय अनुभव प्रदान किया गया।

समापन समारोह में प्रांत प्रमुख अनिल जोशी, संरक्षक योगेश अग्रवाल, कार्यकारी अध्यक्ष माणिक विश्वकर्मा तथा प्रसिद्ध गायिका गरिमा दिवाकर सहित संस्कार भारती छत्तीसगढ़ के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

कार्यक्रम के संयोजक प्रितेश पाण्डेय ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि शीघ्र ही 21 दिवसीय नाटक निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को और अधिक गहन प्रशिक्षण प्राप्त हो सके।

यह कार्यशाला प्रतिभागियों के लिए सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और रंगमंच की गहराइयों को समझने का एक महत्वपूर्ण अवसर साबित हुई। भव्य समापन के साथ यह कार्यशाला एक प्रेरणादायक अनुभव बनकर संपन्न हुई।

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