स्कूल शिक्षा विभाग के सतत प्रयासों से दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार की दिशा में प्रभावी पहल

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माननीय प्रधानमंत्री श्री द्वारा आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में छात्रों के पंजीयन एवं सहभागिता में छत्तीसगढ़ ने पूरे देश में अग्रणी स्थान प्राप्त किया।

माननीय स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव द्वारा संभाग स्तरीय समीक्षा बैठकें लेकर अधिकारियों एवं प्राचार्यों को दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में सुधार हेतु स्पष्ट लक्ष्य दिए गए तथा उत्कृष्ट परिणाम के लिए प्रेरित किया गया।

सभी जिलों के प्राचार्यों का जिलेवार व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सीधे संवाद, सतत मॉनिटरिंग और त्वरित समस्या समाधान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति का आकलन करने हेतु साप्ताहिक एवं मासिक टेस्ट नियमित रूप से आयोजित किए गए तथा उनके परिणामों की निरंतर समीक्षा की गई।

पालक-शिक्षक बैठक (PTM) के माध्यम से अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करते हुए विद्यार्थियों की दैनिक पढ़ाई, अनुशासन और परीक्षा तैयारी पर विशेष चर्चा की गई।

शिक्षकों को प्रश्नपत्र के ब्लू प्रिंट का विषयवार प्रशिक्षण दिया गया तथा विद्यार्थियों को भी परीक्षा पैटर्न और प्रश्न संरचना से परिचित कराया गया।

पहली बार ब्लू प्रिंट आधारित प्री-बोर्ड परीक्षा का आयोजन कर विद्यार्थियों को वास्तविक परीक्षा जैसा अनुभव प्रदान किया गया।

प्री-बोर्ड परीक्षा परिणामों का विस्तृत विश्लेषण कर कमजोर विद्यार्थियों की पहचान की गई तथा उनके लिए विशेष उपचारात्मक कक्षाएं संचालित की गईं।

उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों एवं शिक्षकों को 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मानित करने का निर्णय लिया गया।

विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए समय-समय पर परीक्षा तैयारी, समय प्रबंधन और आत्मविश्वास बढ़ाने हेतु मोटिवेशनल वर्कशॉप आयोजित की गईं।

परीक्षा परिणाम के भय और मानसिक दबाव को कम करने हेतु परीक्षा पूर्व विशेषज्ञों द्वारा छात्र-छात्राओं की काउंसलिंग कराई गई।

राज्य स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को एक-एक जिले का प्रभार देकर परीक्षा परिणाम सुधार हेतु विशेष समीक्षा बैठकें एवं कार्ययोजना तैयार कराई गई।

जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित कर परीक्षा परिणाम सुधार के लिए संयुक्त प्रयास किए गए।

शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ में ही विषय शिक्षकों को बेहतर परीक्षा परिणाम हेतु लक्ष्य आधारित कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए।

समय पर पाठ्यक्रम पूर्ण कराते हुए विद्यार्थियों को पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों का नियमित अभ्यास कराया गया।

पूर्व वर्षों के टॉपर विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाएं छात्रों को दिखाकर उत्तर लेखन की गुणवत्ता और प्रस्तुतीकरण में सुधार किया गया।

विषयवार शिक्षकों की कमी दूर करने हेतु प्रदेश स्तर पर शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण कर आवश्यक पदस्थापन सुनिश्चित किया गया।

पीएम ई-विद्या चैनल के डिजिटल कंटेंट का अधिकतम उपयोग कर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई गई।

प्रत्येक जिले में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार अलग-अलग नवाचार आधारित अभियान संचालित किए गए, जैसे— मिशन 90 प्लस, मिशन उत्कर्ष, मिशन संकल्प आदि।

इन सभी प्रयासों के परिणामस्वरूप बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिला तथा विद्यार्थियों में परीक्षा के प्रति आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक भावना मजबूत हुई।

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