​सुशासन तिहार में शिकायत पर बड़ी कार्रवाई: सारंगढ़-बिलाईगढ़ में पटवारी निलंबित, मंत्री के निर्देश पर गिरी गाज

0
IMG-20260611-WA0197

​रायपुर, 25 जून 2026/ छत्तीसगढ़ सरकार की ‘सुशासन’ की प्राथमिकताओं को नजरअंदाज करना एक राजस्व कर्मी को भारी पड़ गया। जिले के ग्राम झुमका में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ में मिली गंभीर शिकायतों पर त्वरित एक्शन लेते हुए कलेक्टर ने पटवारी बद्रीप्रसाद साहू को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

      ​पटवारी पर बिना मौका मुआयना और पैमाइश किए ऑनलाइन भू-नक्शा पोर्टल पर मनमाने तरीके से जमीन का बटांकन (बंटवारा) करने और आपसी विवाद की स्थिति पैदा करने का गंभीर आरोप है। ​मामला तब सामने आया जब ग्राम झुमका में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान पीड़ित आवेदक ने सीधे प्रदेश के राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा को अपनी शिकायत सौंपी। इसके साथ ही कलेक्टर कार्यालय सारंगढ़ में भी इस संबंध में आवेदन दिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने तत्काल जांच के निर्देश दिए थे।

​जांच में खुली पोल, जवाब मिला असंतोषजनक

       ​निलंबन से पहले तत्कालीन हल्का पटवारी (प.ह.नं. 09, वर्तमान प.ह.नं. 04 एवं 08) बद्रीप्रसाद साहू को कारण बताओ नोटिस (शो-कॉज) जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। पटवारी द्वारा प्रस्तुत जवाब को प्रशासन ने संतोषप्रद नहीं पाया।

 ​    आदेश में कहा गया कि पटवारी द्वारा अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही एवं अनियमितता बरती गई, जो शासकीय सेवक के अपेक्षित आचरण के अनुरूप नहीं है। इसे छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 के प्रतिकूल और कदाचरण की श्रेणी में मानते हुए, छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।"

आखिर क्यों हुई यह कड़ी कार्रवाई

​        जांच में पटवारी बद्रीप्रसाद साहू की कार्यप्रणाली में कई बड़ी अनियमितताएं पाई गईं। तहसील सरसींवा के ग्राम-झुमका स्थित मूल खसरा नंबर 246 का बटांकन (बंटवारा) मूल चालू नक्शे और ऑनलाइन भू-नक्शे में दर्ज नहीं था। पटवारी ने बिना मौके पर जाकर जांच या नाप-जोख किए ही भू-नक्शा पोर्टल पर सीधे 3 बटांकन (246/1, 246/2 और 246/3) चढ़ा दिए। रकबा और वास्तविक कब्जे के विपरीत जाकर यह बटांकन किया गया। 

      पटवारी ने खसरा नंबर 246/1 को बेचने के लिए विक्रेता को गलत चौहद्दी (चतुर्सीमा) प्रदान कर दी, जिसके कारण स्थानीय काश्तकारों (किसानों) के बीच आपसी विवाद और तनाव की स्थिति निर्मित हो गई। निलंबन की अवधि में बद्रीप्रसाद साहू का मुख्यालय तहसील कार्यालय बिलाईगढ़ नियत किया गया है। निलंबन काल में उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। शासन ने साफ संकेत दे दिया है कि आम जनता के काम में लापरवाही और सुशासन के दावों में कतई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed