यूसीसी पर आदिवासियों को भ्रमित कर रहे बैज : भाजपा
धर्मांतरण, तुष्टीकरण और अपने आदिवासी विरोधी चेहरे को छिपाने की नाकाम कोशिश कर रही कांग्रेस
‘आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों को छीनना कांग्रेस का इतिहास रहा; भाजपा सरकार आदिवासी संस्कृति, परंपरा, पेसा कानून और 5वीं अनुसूची के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध’
रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नलिनीश ठोकने ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) और बस्तर को लेकर दिए गए बयान पर तीखा पलटवार किया है। श्री ठोकने ने कहा कि कांग्रेस और बैज यूसीसी के नाम पर प्रदेश के आदिवासियों को भ्रमित करने और उनमें डर फैलाने का घटिया राजनीतिक खेल खेल रहे हैं। असलियत यह है कि कांग्रेस का चरित्र ही हमेशा से घोर आदिवासी विरोधी रहा है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री ठोकने ने कहा कि बैज का यह दावा पूरी तरह निराधार और हास्यास्पद है कि यूसीसी से आदिवासियों का नुकसान होगा या उनके संवैधानिक अधिकार छिन जाएंगे। कांग्रेस शासनकाल में ही बस्तर और पूरे प्रदेश के आदिवासी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर अवैध धर्मांतरण के एजेण्डे को खुली शह दी गई, जिससे आदिवासियों की मूल संस्कृति, परम्पराओं और रीति-रिवाजों को सबसे गहरा आघात पहुँचा। कांग्रेस ने हमेशा आदिवासियों को महज एक वोट बैंक समझकर उनका शोषण किया और धर्मांतरण कराने वाले गिरोहों को संरक्षण दिया। श्री ठोकने ने कहा कि भाजपा और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार आदिवासियों के अधिकारों, जल-जंगल-जमीन, 5वीं अनुसूची और ‘पेसा कानून’ के प्रति पूरी तरह समर्पित है। भाजपा सरकार में किसी भी आदिवासी भाई-बहन के संवैधानिक अधिकारों या उनकी जमीन पर कोई आँच नहीं आ सकती। बैज द्वारा उद्योगपतियों को जमीन सौंपने और जमीनों पर कब्जे का जो मनगढ़ंत आरोप लगाया जा रहा है, वह सिर्फ अपनी नाकामी और कांग्रेस के कारनामों पर पर्दा डालने की साजिश है। श्री ठोकने ने कहा कि कांग्रेस का काम सिर्फ डर, भ्रम और झूठ का व्यापार करना है। जब बस्तर शान्ति की ओर बढ़ रहा है और नक्सलवाद का अन्त हो गया है और कांग्रेस बौखलाहट में आकर आदिवासियों को भड़काने की कोशिश कर रही है।
