छत्तीसगढ़ में झमाझम हुई बारिश, राज्य में 647.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

0
Screenshot_2026-08-09-17-40-10-74_439a3fec0400f8974d35eed09a31f914

​रायपुर, 09 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ में इस मानसून सीजन में बादलों की मेहरबानी लगातार जारी है। राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी 9 अगस्त 2026 तक की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसत सामान्य वर्षा का 100.9 प्रतिशत पानी बरस चुका है। 1 जून से 9 अगस्त की अवधि में राज्य में औसतन 647.3 मि.मी. बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले 10 वर्षों की औसत वर्षा (641.3 मि.मी.) के आंकड़े को पार कर चुकी है। केवल 9 अगस्त को ही प्रदेश में औसतन 27.9 मि.मी. झमाझम बारिश दर्ज की गई।

 ​        राज्य के मध्य छत्तीसगढ़ और मैदानी इलाकों में मानसून जमकर बरसा है, वहीं सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ जिलों में बारिश का आंकड़ा अब भी औसत से पीछे बना हुआ है।  ​प्रदेश में सबसे अधिक बारिश सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में दर्ज की गई है, जहाँ अब तक सामान्य से रिकॉर्ड 193.9% अधिक (943.7 मि.मी.) जल बरस चुका है। इसके साथ ही महासमुंद में औसत का 144.0%, नारायणपुर में 130.0%, राजधानी रायपुर में 129.7%, बलौदाबाजार में 128.5%, गरियाबंद में 122.8%, जांजगीर-चांपा में 123.8%, सक्ती में 121.4%, बालोद में 118.5%, मुंगेली में 118.2%, दुर्ग में 111.7%, बिलासपुर में 111.5% और धमतरी में 109.4% वर्षा दर्ज हो चुकी है। इन जिलों में औसत से अधिक वर्षा होने से जल निकायों और खेतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध है।

          ​इसी तरह बलरामपुर में औसत का 126.7%, राजनांदगांव में 103.1%, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 100.9%, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 99.1%, कोरिया में 96.9%, कोरबा में 96.1%, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 96.0%, रायगढ़ में 95.9%, दंतेवाड़ा में 93.2% और सूरजपुर में 91.7% बारिश दर्ज की गई है, जहाँ मानसून की स्थिति सामान्य और संतुलित बनी हुई है।

          ​दूसरी ओर, कबीरधाम में औसत का 86.1%, कोण्डागांव में 85.2%, बेमेतरा में 80.9%, जशपुर में 75.1%, बस्तर में 74.8%, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 72.5%, बीजापुर में 71.4%, सरगुजा में 69.5%, कांकेर में 69.4% और सुकमा जिले में सबसे कम 67.7% (602.3 मि.मी.) बारिश दर्ज हुई है। इन जिलों में बारिश का आंकड़ा 50% से 80% के बीच ही सिमटा हुआ है, जहाँ किसान अब भी मानसून की अगली जोरदार झड़ी का इंतजार कर रहे हैं।

  ​     राज्य बाढ़ नियंत्रण कक्ष और मौसम विभाग द्वारा सभी संवेदनशील जिलों, जलाशयों और नदी तटों की निरंतर निगरानी की जा रही है। प्रदेश के सभी जिला कार्यालय में बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *