किसानों का धान भिगोकर बर्बाद करने और उन्हें आत्महत्या के लिए विवश करने वाली कांग्रेस घड़ियाली आँसू न बहाए : भाजपा

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किसानों का धान भिगोकर बर्बाद करने और उन्हें आत्महत्या के लिए विवश करने वाली कांग्रेस घड़ियाली आँसू न बहाए : भाजपा

प्रदेश मंत्री जितेन्द्र वर्मा का तीखा हमला : ​धान खरीदी पर भूपेश बघेल का बयान अराजकतावादी राजनीतिक एजेंडे का शर्मनाक प्रदर्शन
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​”चार किश्तों में रुला-रुलाकर भुगतान और 2 साल का बोनस डकारने वाले पहले प्रदेश के अन्नदाताओं से माफी मांगें”

​विष्णुदेव साय सरकार में चाक-चौबंद व्यवस्था से किसान खुशहाल, स्वयं भूपेश बघेल को भी मिला धान का भरपूर दाम

​रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मंत्री जितेंद्र वर्मा ने धान खरीदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कथन पर तीखा पलटवार कर कहा है कि भूपेश बघेल का बयान हताशा से उपजा और अराजकतावादी राजनीतिक एजेण्डे का बेहद शर्मनाक प्रदर्शन है।

​भाजपा प्रदेश मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि अपने पाँच साल के कुशासन में अन्नदाताओं को एक-एक दाने के लिए तरसाने वाली, उनके पसीने की कमाई को भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ाने वाली और रकबा कटौती कर किसानों को आत्महत्या की दहलीज पर धकेलने वाली कांग्रेस को आज किसानों के नाम पर घड़ियाली आँसू बहाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। बघेल को दूसरों पर अनर्गल आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबाँ में झाँकना चाहिए। श्री वर्मा ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में धान खरीदी सिर्फ अव्यवस्था, दलाली और घोटालों का माध्यम बनकर रह गई थी। खुले आसमान के नीचे किसानों का धान भिगो-भिगोकर सड़ा दिया जाता था। किसानों को उनकी ही उपज का दाम चार किश्तों में रुला-रुलाकर दिया जाता था और चुनावी वादे के बावजूद किसानों के दो साल का धान का बोनस डकार लिया गया था। बघेल को धान खरीदी पर ज्ञान देने से पहले प्रदेश के लाखों किसानों से उनके हक का बोनस पचाने और उन्हें प्रताड़ित करने के लिए हाथ जोड़कर माफी मांगनी चाहिए। कांग्रेस शासन में खाद की खुली कालाबाजारी होती थी और कांग्रेस नेता उस सिंडिकेट के सरगना बने बैठे थे।

भाजपा प्रदेश मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि आज प्रदेश में भाजपा की सरकार आने के बाद अन्नदाताओं के चेहरे पर वास्तविक मुस्कान लौटी है। धान खरीदी केंद्रों पर बारदाने, तौल, भंडारण और सीधे बैंक खातों में एकमुश्त पारदर्शी भुगतान की चाक-चौबंद व्यवस्था है। विडम्बना देखिए कि जिस पारदर्शी और समृद्ध व्यवस्था का लाभ उठाकर स्वयं भूपेश बघेल ने अपने धान की करोड़ों की कीमत प्राप्त की है, उसी पारदर्शी व्यवस्था पर वे केवल अपनी बची-खुची राजनीति चमकाने के लिए झूठ का जाल बुन रहे हैं। श्री वर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का किसान स्वाभिमानी और समझदार है। वह कांग्रेस के छल, रकबा कटौती और कमीशनखोरी के उस काले दौर को कभी नहीं भूलेगा। बघेल अपनी झूठी व ओछी राजनीति बंद करें, क्योंकि साय सरकार में प्रदेश का अन्नदाता पूरी तरह सुरक्षित, सशक्त और खुशहाल है।

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