लॉक डाउन में शराब दुकान खोलने बनी कमेटी को हाईकोर्ट में चुनौती….

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शासन से मांगा जवाब, अगली सुनवाई 13 अप्रैल को

 

बिलासपुर,10 अप्रैल 2020 —  छत्तीसगढ़ शासन द्वारा राज्य में शराब दुकान खोलने के लिए लॉक डॉउन के दौरान समिति गठन को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट ने शासन से जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 13 अप्रैल को होगी। पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई हुई। हाई कोर्ट में न्यायमूर्ति प्रशांत मिश्रा एवं न्यायमूर्ति गौतम भादुड़ी की खण्डपीठ मे सुनवाई हुई।
हाई कोर्ट के द्वारा कोरोना महामारी के संदर्भ में याचिका पर सुनवाई की गई। इसी याचिका के साथ में रायपुर की समाज सेविका ममता शर्मा द्वारा अधिवक्ता रोहित शर्मा के माध्यम से रिट याचिका प्रस्तूत की गई। रिट याचिका के माध्यम से लॉक डाउन के समय में राज्य सरकार द्वारा शराब दुकानों के खोलने हेतु गठित कमेंटी को चुनौती दी गई थी। यचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने तर्क रखा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की शक्ति का प्रयोग करते हुए नेशनल डीसास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी ने लॉक डाउन घोषित किया है। इसी अनुक्रम में केंद्रीय गृह सचिव जो नेशनल एक्सीकुटिव कमेटी के पदेन चेयरपर्सन होते हैं, उनके द्वारा महामारी से निबटने हेतु गाईडलाईन जारी की गई। यचिकाकर्ता के अधिवक्ता रोहित ने तर्क दिया कि उक्त अधिनियम की धारा 18, 24 वा 38 का पठन करने से यह स्पष्ट है कि राज्य को आपदा प्रबन्धन हेतु अपने नियम बनाने है, परंतु वे नियम एन एम डी ए द्वारा जारी दिशा निर्देश के अनुपालन में होने चाहिये। याचिकाकर्ता ने कहा कि राज्य द्वारा लॉक डाउन समय में शराब को बेचने का अधिकार ही नहीं है, क्योंकि केंद्र द्वारा जिन वस्तु की बिक्री व जिन कार्यों को किये जाने की छूट अपने नोटिफिकेशन में उल्लेखित की है, उसमें खाने की वस्तु, पेट्रोल, गैस दवाई आदी का उल्लेख है। परंतु शराब को इस में छूट नहीं दी गई है। इस कारण राज्य द्वारा शराब की बिक्री का प्रयास किया जाना विधि विरुद्ध है। साथ ही शराब दुकानों के खोले जाने से मजदूर वर्ग के लोग जो अपनी दिन की मजदूरी भी नहीं कमा पा रहे हैं, उन पर शराब सेवन के कारण दोहरी मार पड़ेगी।
हाई कोर्ट की डिवीज़न बेंच ने उक्त मामले में शासन को जवाब प्रस्तुत करने आदेशित करते हुए 13 अप्रैल को अगली सुनवाई निर्धारित की है।

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