मन की बात 2.0, पीएम मोदी ने कहा- जल संरक्षण के लिए जन आंदोलन की करें शुरुआत

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नई दिल्ली — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बात 30 जून यानि आज से शुरू हो गया। अपने दूसरे कार्यकाल में आज पहली बार मन की बात करते हुए कहा कि एक लंबे अंतराल के बाद आपके बीच मन की बात, जन-जन की बात, जन-मन की बात इसका हम सिलसिला जारी कर रहे हैं। चुनाव की आपाधापी में व्यस्तता तो ज्यादा थी लेकिन मन की बात का मजा ही गायब था, एक कमी महसूस कर रहा था। हम 130 करोड़ देशवासियों के स्वजन के रूप में बातें करते थे। देश और समाज के लिए आईने की तरह है। ये हमें बताता है कि देशवासियों के भीतर अंदरूनी मज़बूती, ताक़त और टैलेंट की कोई कमी नहीं है।

पीएम मोदी ने कहा कि जब देश में आपातकाल लगाया गया तब उसका विरोध सिर्फ राजनीतिक दायरे तक सीमित नहीं रहा था, राजनेताओं तक सीमित नहीं रहा था, जेल के सलाखों तक, आन्दोलन सिमट नहीं गया था। भारत गर्व के साथ कह सकता है कि हमारे लिए, कानून नियमों से परे लोकतंत्र हमारे संस्कार हैं, लोकतंत्र हमारी संस्कृति है, लोकतंत्र हमारी विरासत है। आपातकाल में हमने अनुभव किया था और इसीलिए देश, अपने लिए नहीं, लोकतंत्र की रक्षा के लिए आहुत कर चुका था। इसके अलावा पीएम ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के एक रिमोट इलाके में, महज एक महिला मतदाता के लिए पोलिंग स्टेशन बनाया गया। आपको यह जानकार आश्चर्य होगा कि चुनाव आयोग के अधिकारियों को वहाँ पहुँचने के लिए दो-दो दिन तक यात्रा करनी पड़ी। यही तो लोकतंत्र का सच्चा सम्मान है। दुनिया में सबसे ज्यादा ऊंचाई पर स्थित मतदान केंद्र भी भारत में ही है। यह मतदान केंद्र हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्फिति क्षेत्र में 15000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है।
इसके अलावा पीएम ने पानी के मुद्दे को रेखांकित करते हुए कहा कि जल की महत्ता को सर्वोपरि रखते हुए देश में नया जल शक्ति मंत्रालय बनाया गया है। इससे पानी से संबंधित सभी विषयों पर तेज़ी से फैसले लिए जा सकेंगे। मेरा पहला अनुरोध है। जैसे देशवासियों ने स्वच्छता को एक जन आंदोलन का रूप दे दिया। आइए, वैसे ही जल संरक्षण के लिए एक जन आंदोलन की शुरुआत करें। देशवासियों से मेरा दूसरा अनुरोध है। हमारे देश में पानी के संरक्षण के लिए कई पारंपरिक तौर-तरीके सदियों से उपयोग में लाए जा रहे हैं। मैं आप सभी से, जल संरक्षण के उन पारंपरिक तरीकों को शेयर करने का आग्रह करता हूँ। मेरे प्यारे देशवासियो, मुझे और एक बात के लिए भी आपका और दुनिया के लोगों का आभार व्यक्त करना है। 21 जून को फिर से एक बार योग दिवस में उमंग के साथ, एक-एक परिवार के तीन-तीन चार-चार पीढ़ियाँ, एक साथ आ करके योग दिवस को मनाया।

बता दें कि आकाशवाणी और दूरदर्शन पर पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का प्रसारण किया गया। पीएम ने मन की बात के लिए हमेशा की तरह इस बार भी सुझाव मंगाए थे। लोकसभा चुनावों के बाद पहले मन की बात को लेकर भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने ट्वीट कर उत्सुकता जाहिर की थी। बता दें कि प्रधानमंत्री मोदी का यह 54वां रेडियो कार्यक्रम है जिसके जरिए पीएम देश को संबोधित किया। इससे पहले मन की बात को लोगों का जीवन बदलने वाला कार्यक्रम बताते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, ‘मन की बात ने अपनी सकारात्मकता के जरिए बहुत से लोगों के जीवन को बदला है। ज्ञान बांटने, जागरुकता लाने और प्रेरक कहानियों को शेयर करने का यह सशक्त माध्यम है।’
गौरतलब है कि लोकसभा चुनावों के ऐलान होने से कुछ दिन पहले 24 फरवरी को मोदी ने मार्च एवं अप्रैल में मन की बात नहीं करने का ऐलान किया था। अपनी वापसी की बात कहते हुए मोदी ने कहा था कि मई के अंतिम रविवार को कार्यक्रम के साथ लौटेंगे। लेकिन मोदी सरकार ने 30 मई को शपथ ली और फिर इस कार्यक्रम को कुछ दिन के लिए टाल दिया गया था

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