लालकिले में बिखरी छत्तीसगढ़ी लोक कला की सतरंगी छटा

लोक कलाकारों की प्रस्तुति ने किया दर्शकों को मंत्रमुग्ध

लालकिले पर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अहिवारा की सांस्कृतिक संस्था के 20 कलाकारों के दल ने ‘लोक धरोहर’ कार्यक्रम के दौरान एक के बाद एक मनोहारी प्रस्तुतियां दी। लोक कलाकारों द्वारा कबीर साहेब के दोहे से शुरूआत कर छत्तीसगढ़ के जसगीत, सुआ नृत्य, गौरा-गौरी नृत्य, पंथी नृत्य, राऊत नाचा, रिलो और प्रहसन प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की अपर आवासीय आयुक्त श्रीमती रितु सेन भी उपस्थित थीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ के फूड स्टाल सहित हस्त शिल्प और हथकरघा के स्टालों का अवलोकन भी किया।